Wed. Apr 10th, 2024
    Robert Kiyosaki की बुक के बारे मैं

    आओ दोस्तों जातें है Robert Kiyosaki  की बुक के बारे में रिच dad एंड पुअर dad है इस में उन्होंने अमीर और गरीब की सोच के बारे में बताया है

    Robert Kiyosaki  के दो पिता थे एक उनके खुद के पिता थे जिन्हें वो Poor dad कहते थे और दुसरे उनके दोस्त Mick के पिता थे जिन्हें वो Rich Dad कहते थे

    Robert Kiyosaki rich dad and poor dad

    Robert Kiyosaki  कहते है अमीर लोग अपने बच्चो को money के बारे में सीखते है वो गरीब और मिडिल class वाले लोग अपने बच्चो को नहीं सिखाते है एक पिता अपने बच्चो के लिए 10 मिलियन डोलर और चर्च के लिए चैरिटी को छोड़ कर गए थे और दुसरे पिता बिना चुकाए उधार के बिल छोड़ कर गये थे

    उनके Poor dad PHD की हुई थी और Rich dad ने कभी आठवी class भी पास नहीं की थी और वो एक बहुत ही बड़े व्यापारी बन गए थे  एक पिता को कहने की आदत थी की मैं इसे नहीं खरीद सकता और दुसरे पिता इन शब्दों के इस्तेमाल से चिड़ते थे वो जोर देकर कहा करते थे की की मुझे इसके बजाये ये कहना चाहिए की इसे हम कैसे खरीद सकते है

    जब हम ये कहते है की में इसे खरीद नहीं सकता तब हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है  और अगर हम ये कहते है की में इसे कैसे खरीद सकता हूँ तो हमारा दिमाग उसे पाने के लिए आपनी सोच को शुरू कर देता है और उसे पाने के लिए हम हर तरह  की कोशिश करने में लग जाते है

    बहुत से लोगो का पैसे कामने का साधन नौकरी है नौकरी होने के साथ ये भी समस्या है की ये अमीर बनने के रस्ते में आ जाती है क्युकी हमारा ध्यान और दिमाग उसी दायरे में होता है जिसे हम सिमित कर चुके होते है  हम चलना गिर कर सीखते है अगर हम कभी न गिरे तो हम चलना नहीं सिख सकते है असफलता सफलता की पहली परिक्रिया का हिसा है जो लोग असफलता से बचते है वो कभी भी सफलता को नहीं पा सकते है

    सब से एहम चीज़ जो हमारे शरीर में है वो हमारा दिमाग है जिसका कोई मूल्य नहीं है अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाये तो ये कुछ ही पलों में आपके लिए धन पैदा कर सकता है हमारा दिमाग ही धन की चाबी है जैसा हम दिमाग से सोचते है हम उसी रस्ते के उपर चलते है

    फैक्ट्री में जो लोग काम करते है वो बहुत ही मेहनत करते है की उन्हें कभी भी फैक्ट्री से निकला न जाये पर फैक्ट्री के जो मालिक होते है वो अपने यहाँ नौकरी करने वाले को उनके काम की उतनी ही तनखाह देते है की वो कभी भी फैक्ट्री को छोड़ कर न जाए

    गरीब लोग अपने घर का खर्च चलाने के लिए अपने सपनो को कटते है क्यूंकि वो अपने दिमाग में पहले से ही बिठा लेते है इसे आगे कुछ नहीं है पर अमीर लोग अपने सपनो को काटने से जयादा जरुरी अपने सहस को बढ़ाते है ताकि वो हर चीज़ जो जरुरी है उसे अपने लिए खरीद सके  गरीब आदमी अपना कमाया हुआ पैसा पहले खर्च करते है उसके बाद जो बचता है उसे इन्वेस्ट करते है

    और अमीर आदमी सबसे पहले अपने पैसे को इन्वेस्ट करता है ताकि वो अपने आने वाले समय को बेह्टर बना सके और बाकि बचे पैसे को अपने उपर खर्च करता है जो की उनके लिए जरुरी है

    हम अपने मौजूदा ज़िन्दगी के लिए शिकायत करते है जो की बेकार है जब की हमें अपने आप को मजबूत करना चाहिए ताकि हम अपने हालातों को बदल सके और आगे बड़ने के बारे में कुछ करे जिसके कारण हम सफल इन्सान बन्ने

    जितने पैसे हम कमाते है उसे जयादा हम लोग खर्च कर देते है जब भी हम किसी भी काम को करने के लिए कल शब्द का प्रयोग करते है या हम किसी भी काम को कल पर छोड़ देते है तो हम अपने समय को बर्बाद कर रहे होते है

    आमिर और गरीब आदमी में सिर्फ एक ही अनंतर है की वो दोनों व्यक्ति अपने समय को कैसे उपयोग करते है सब से पहले छोटे सपनो के बारे में सोचो और उन्हें पूरा करो उसके बाद आप बड़े सपनो को देखो और उसे पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश को करो जो जीवन में जरुरी है उस रस्ते पर आखिर तक चलो जब तक आप आखिरी सीडी तक न पहुच जाओ  

    हमेशा उस काम पर अपना पूरा धयान दीजिये जिसे आप पूरा कर सकते है और उस काम को पूरा करने में वो सब कोशिश करिए  ताकि वो काम पूरा हो जाये काम वो ही पकडिये जिस में आप जीत हासिल कर सके दिमाग में अगर picture साफ़ हो तो कोई भी काम को पूरा किया जा सकता है हारना जितने का ही हिसा है हार के बाद ही जीत मिलती है और हार ही हमे जीतने के मार्ग पर ले जाती है |

    Robert Kiyosaki  कहते है हम हमेशा वही देखते है जो हमें हमारी आँखें दिखाती है और लक्ष्य वो है जो हम अपने दिमाग में सोचते और उसे देखते है जब तक आप सफल नहीं हो जाते तब तक आप एक ही रस्ते पर चलते रहो गिरना उठाना और फिर चलने वाला इन्सान ही अपने लक्ष्य को पूरा करता है |

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