Wed. Apr 17th, 2024
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    Uttarakhand राज्य बहुत ही खूब सूरत है उत्तराखंड राज्य हिमालयी क्षेत्र में आता है उत्तराखंड की प्रमुख नदियां हैं- गंगा, यमुना, शारदा, नयार एवं रामगंगा। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को कहा जाता है

    Uttarakhand इतिहास

    उत्तराखंड में गढ़वाल तथा कुमाऊं क्षेत्र का बहुत पुराना इतिहास रहा है। इस क्षेत्र का वर्णन वेदों में केदारखंड एवं मानसखंड के रूप में आया है। यहां आपको पाषाण कालीन गुफाएं लाखामंडल एवं लखु उड्यार क्षेत्र में मिल जाएंगी। उत्तराखंड राज्य का गठन 09 नवंबर 2000 को हुआ था ये ये भारत का 27 राज्य था ये हिमालय की श्रेणी में 11 राज्य था

    इसे उत्तरप्रदेश के राज्य से काट कर बनाया गया है इसका आधा हिस्सा मैदानी है तो आधा हिस्सा पहाड़ो से घिरा हुआ है

    Uttarakhand ट्रैकिंग

    उत्तराखंड यहाँ पर लोग दूर दूर से ट्रेकिंग करने आते है कुछ ट्रेकिंग पॉइंट्स पर खाने का सामान मिल जाता है और कहीं पर नहीं मिलता है कभी कभी हमें अपनी व्यवस्था खुद करनी पड़ती है हमें रहने के लिए टेंट भी साथ में लेकर जाना पड़ सकता है

    यह पर कभी कभी आपको रस्ते जानने वाले को साथ लेकर जाना पड़ता है क्युकी आप रास्ता भूल सकते है यहाँ की पहाड़ियां बहुत ही बड़ी बड़ी होती है आप में भी साहस की जरूरत होती है चढ़ाही भी कभी कभी मुश्किल हो सकती है और ऑक्सीजन की भी कमी हो जाती है यहाँ पर ट्रेकिंग पॉइंट

    डोडिताल और दरवा टॉप – यहाँ पर हमें जाने के लिए ऋषिकेश ,नरेंदर नगर उत्तरकाशी होते हुए संगम चट्टी जाते है फिर यहाँ से ट्रैकिंग शुरू की जाती है यहाँ पर जाने के लिए रस्ते में कुछ गाँव पड़ते है जिनके नाम है अगोड़ा , बेवडचट्टी और मांझी गाँव पड़ते है यहाँ पर आप रुक सकते है

    संगम चट्टी से डोडिताल की दुरी 22 किलोमीटर है उसके बाद डोडिताल से दरवा टॉप की दुरी 5 किलोमीटर है डोडिताल में एक बहुत ही बड़ी लेक है यहाँ पर भगवान गणेश का मंदिर है डोडिताल और दरवा टॉप बहुत ही बढ़िया ट्रैकिंग पॉइंट है

    हरकी दूम – ये जगह देहरादून ,विकास नगर ,नैनबाग़, सोली, नौ गाँव, मोरी होते हुए साकरी गाँव तक पहुच जाते है यहाँ से ट्रैकिंग शुरू की जाती है यहाँ पर जाते समय आपको कुछ गाँव मिलते है सीमा ,भोसल ,कल्कातियाधार गाँव मिले है हरकी दूम वेल्ली बहुत ही प्यारी दिखती है हरकी दूम से बरसो पास जो की 12 किलोमीटर है इसकी ट्रैकिंग आप कर सकते है

    केदारकंन्था – केदारकंन्था ट्रेक बर्फीली जगह है इस लिए से सर्दियों में ही किया जाता है कुछ लोग इसे गर्मियों में भी करते है ये भी साकरी गाँव से शुरू होता है केदारकंन्था की उचाई 12500 फीट है यहाँ पर आपको लगभग 6 से 7 किलोमीटर तक स्नो ट्रैकिंग करनी होती है

    यहाँ पर आने के लिए आपको खुद का टेंट लाना पड़ता है यहाँ पर आप ऑनलाइन बुकिंग करके भी आ सकते है  यहाँ पर आपको सुंदर पहाडियों का आनंद ले सकते है

    नाग टिब्बा – नाग टिब्बा बहुत ही आसान ट्रेक है ये देहरादून से 75 किलोमीटर है जो की वहां पर बसे पंतवाड़ी गाँव से शुरू होती है यहाँ से ट्रेकिंग 12 किलोमीटर है ये आपको आना जाना 24 के लगभग पड़ जाता है यहाँ पर आपको कैप लगा कर भी रह सकते है यहाँ पर नाग देवता का मंदिर है जिनके दर्शन आप कर सकते है यहाँ से आप हिमालय की चोटी को भी देख सकते है

    चंद्रशिला टॉप – यह ट्रेक चोपटा से शुरू होता है ये बहुत ही प्रसिद्ध जगह है जिसे सभी लोग लगभग जानते है यहाँ पर टूरिस्ट का बहुत ही आना जाना होता है ये लगभग 16 किलोमीटर का ट्रेक है यहाँ पर लोग सर्दियों में आना पसंद करते है पर कुछ लोग गर्मियों में भी जाते है

    इस जगह की सुन्दरता देखने वाली होती है चारो तरफ आपको हरयाली दिखाई देती है सर्दियों में आपको यहाँ पर बर्फ से घीरे और ढके पहाड़ दिखाई देते है

    साहसिक खेल

    Uttarakhand पर जगह जगह पर ट्रेकिंग पॉइंट है जहाँ पर लोग दूर दूर से आते है और खेल ही खेल को रोमांचक बना देते है और यहाँ पर नदियाँ है जहाँ पर रीवर राफटिंग की जाती है और मनोरंजन किया जाता है

    रीवर राफटिंग करने में बहुत ही मज़ा आता है लोग नदियों की लहरों से बहुत ही पास से देखते है और मनोरंजन करते है सबसे ज्यादा रीवर राफटिंग लोग ऋषिकेश में करते है सुंदर बहती नदी के पानी का लुफ्त उठाते है

    उत्तराखंड झीलों का राज्य झीलों के प्रकार

    भूतल के बने गड्डे जिसमें जल भरा होता है और पानी बहता रहता है व बहता रहता है और चारो और से स्थल खंडो से घिरा रहता है उसे झील और ताल कहते है

    ज्वालामुखी झीले – ज्वालामुखी के शांत होने के बाद उसके मुख मैं वर्षा का जल कठ्ठा होने से ज्वालामुखी झीलों का निर्माण होता है

    हिमानी झीले – हिमनदों अथवा हिमानियो से निकलने वाली नदी अपने मार्ग में गड्डा बना लेती है व यही गड्डे हिमनदों के पिघलने से निकलने वे जल से भर जाते है और ये झील का रूप ले लेती है इन्ही झीलों को हिमानी झील कहा जाता है

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    ज्यादातर झीले नैनीताल में है जैसे भीमताल , नैनीताल , हरिश्ताल , नोकुछिया ताल , सातताल , सूखाताल , खुरपाताल , मल्वाताल ,साडियाताल है  

    उत्तराखंड धार्मिक स्थान

    Uttarakhand को कई धार्मिक स्थानों से नवाजा गया है  ये भूमि शिव की भूमि है और माता पार्वती का जन्म स्थान भी कहा जाता है यहाँ पर गंगा और जमुना जैसे पावन नदिया है उत्तराखंड की गोद में तीर्थ के चारो धाम बसे हुए है हिन्दू के ये प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है केदारनाथ ,गंगोत्री ,जमनोत्री और बद्रीनाथ है यहाँ पर हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे पवित्र स्थल भी है

    जिन के दर्शन करके मन को सकून प्राप्त होता है रोज़ शाम को हरिद्वार में गंगा नदी की आरती में कई लोग शामिल होते है

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